श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.225.20 
शक्र उवाच
अहं वै त्वां निधास्यामि यथाशक्ति यथाबलम्।
न तु मेऽतिक्रम: स्याद् वै सदा लक्ष्मि तवान्तिके॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले - हे लक्ष्मी! मैं अपनी शारीरिक शक्ति और मानसिक शक्ति के अनुसार तुम्हें धारण करूँगा, किन्तु तुम मेरा परित्याग कभी न करना।
 
Indra said - O Lakshmi! I will hold you according to my physical strength and mental power, but you must never abandon me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)