Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.225.14: पहले वे नित्य यज्ञ करते थे; किन्तु काल के द्वारा पीड़ित होकर तथा मन से मोहित होकर उन्होंने स्वयं ही सबको स्पष्ट आदेश दिया कि तुम सब मेरे लिए ही यज्ञ करो। | mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पहले वे नित्य यज्ञ करते थे; किन्तु काल के द्वारा पीड़ित होकर तथा मन से मोहित होकर उन्होंने स्वयं ही सबको स्पष्ट आदेश दिया कि तुम सब मेरे लिए ही यज्ञ करो।
Earlier he used to perform sacrifices regularly; but later on, being afflicted by time and bewildered by his mind, he himself clearly ordered everyone to perform sacrifices only for him. 14.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥