श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.225.11 
शक्र उवाच
कथं त्वया बलिस्त्यक्त: किमर्थं वा शिखण्डिनि।
कथं च मां न जह्यास्त्वं तन्मे ब्रूहि शुचिस्मिते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र ने पूछा, "हे जटाधारी देवी लक्ष्मी! आपने बलि को कैसे और क्यों त्याग दिया? हे पुण्यात्मा! आप मुझे कैसे नहीं त्यागेंगी? मुझे यह बताइए।"
 
Indra asked, "O plaited goddess Lakshmi! How and why did you abandon Bali? O pure one! How will you not abandon me? Tell me this."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)