Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.225.10: लक्ष्मी बोलीं- इन्द्र! विधाता मुझे किसी भी प्रकार किसी कार्य हेतु नियुक्त नहीं कर सकते; किन्तु मुझे काल की आज्ञा का पालन करना ही होगा। वह समय आ गया है जो मुझे बलि का परित्याग करने के लिए प्रेरित करे। इन्द्र! उस काल की अवहेलना मत करो। | mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लक्ष्मी बोलीं- इन्द्र! विधाता मुझे किसी भी प्रकार किसी कार्य हेतु नियुक्त नहीं कर सकते; किन्तु मुझे काल की आज्ञा का पालन करना ही होगा। वह समय आ गया है जो मुझे बलि का परित्याग करने के लिए प्रेरित करे। इन्द्र! उस काल की अवहेलना मत करो।
Lakshmi said- Indra! The creator cannot appoint me to any work in any way; but I have to obey the orders of time. That time has come to inspire me to abandon Bali. Indra! Do not disregard that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥