श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  12.224.44 
तदद्य विनिवृत्तं मे प्रभुत्वममराधिप।
कालसैन्यावगाढस्य सर्वं न प्रतिभाति मे॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
हे अमरेश्वर! आज मेरी वह शक्ति समाप्त हो गई है। काल की सेना ने मुझ पर आक्रमण कर दिया है; अतः अब मेरी समस्त महिमा प्रकट नहीं हो रही है॥ 44॥
 
O Amareshwar! Today that power of mine has ended. I have been attacked by the army of time; hence all my glory is not being revealed now. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)