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mahabharat 12.224.37: मैं देख रहा हूँ कि इस समय आप देवराज के पद पर स्थित हैं। आप अपने तेजस्वी एवं तेजस्वी रूप में विराजमान होकर मेरे ऊपर बार-बार गर्जना कर रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.224.37 
पश्यामि त्वां विराजन्तं देवराजमवस्थितम्।
श्रीमन्तं द्युतिमन्तं च गर्जमानं ममोपरि॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
मैं देख रहा हूँ कि इस समय आप देवराज के पद पर स्थित हैं। आप अपने तेजस्वी एवं तेजस्वी रूप में विराजमान होकर मेरे ऊपर बार-बार गर्जना कर रहे हैं।
 
I see that at this time you are established in the position of Devraj. You are sitting in your radiant and brilliant form and roaring over me again and again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)