श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  12.224.34 
कल्याणी रूपसम्पन्ना दुर्भगा शक्र दृश्यते।
अलक्षणा विरूपा च सुभगा दृश्यते परा॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
सुहाग ! एक सुन्दरी, अच्छे आचरण और विचारों वाली कन्या विधवा दिखाई देती है और दूसरी दरिद्र और कुरूप, सौभाग्यवती स्त्री दिखाई देती है ॥34॥
 
Sugar! One beautiful girl with good conduct and thoughts is seen to be a widow and the other is seen to be a poor and ugly woman with good fortune. 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)