श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 223: इन्द्र और बलिका संवाद—इन्द्रके आक्षेपयुक्त वचनोंका बलिके द्वारा कठोर प्रत्युत्तर  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  12.223.d1 
(भीष्म उवाच
तत: प्रहस्य स बलिर्वासवेन समीरितम्।
निशम्य भावगम्भीरं सुरराजमथाब्रवीत्॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर! इन्द्र के भावुक वचन सुनकर राजा बलि हँसे और देवताओं के राजा से इस प्रकार बोले।
 
Bhishma says - Yudhishthira! On hearing the emotional words of Indra, King Bali laughed and spoke to the King of the Gods in this manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)