Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.222.d8: वे नाना प्रकार के शास्त्रों के रचयिता थे और सैकड़ों तर्कों से अपने मत का समर्थन करते थे। हे राजन! वे सभी ब्राह्मण स्वाभाविक रूप से इस शास्त्रार्थ में एक-दूसरे को परास्त करना चाहते थे। | mahabharat अध्याय 12.222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे नाना प्रकार के शास्त्रों के रचयिता थे और सैकड़ों तर्कों से अपने मत का समर्थन करते थे। हे राजन! वे सभी ब्राह्मण स्वाभाविक रूप से इस शास्त्रार्थ में एक-दूसरे को परास्त करना चाहते थे।
They were the originators of various kinds of scriptures and supported their views with hundreds of arguments. O King! All those Brahmins naturally desired to defeat each other in this debate.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥