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mahabharat 12.222.d14: जब यह वार्तालाप चल रहा था, तभी उन ब्राह्मणों ने किसी अदृश्य देवता को यह कहते सुना - 'ब्राह्मणों! सनत्कुमार के आश्रम में जाकर पूछो। वे तुम्हें सत्यतत्त्व का उपदेश देंगे।'   |   mahabharat अध्याय 12.222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना  »  श्लोक d14
 
 
श्लोक  12.222.d14 
तच्च ते शुश्रुवुर्वाक्यं ब्राह्मणा ह्यशरीरिण:।
सनद्धाम द्विजा गत्वा पृच्छध्वं स च वक्ष्यति॥
 
 
अनुवाद
जब यह वार्तालाप चल रहा था, तभी उन ब्राह्मणों ने किसी अदृश्य देवता को यह कहते सुना - 'ब्राह्मणों! सनत्कुमार के आश्रम में जाकर पूछो। वे तुम्हें सत्यतत्त्व का उपदेश देंगे।'
 
While this conversation was going on, those Brahmins heard some invisible deity saying - 'Brahmins! Go and ask at the ashram of Sanatkumar. He will preach you the philosophy of truth'.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)