Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.222.28: हे इन्द्र! मैं धर्म के सम्पूर्ण नियमों को तथा समस्त प्राणियों की अनित्यता को जानता हूँ। अतः 'यह सब नाशवान है' ऐसा समझकर मैं किसी के लिए शोक नहीं करता। | mahabharat अध्याय 12.222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे इन्द्र! मैं धर्म के सम्पूर्ण नियमों को तथा समस्त प्राणियों की अनित्यता को जानता हूँ। अतः 'यह सब नाशवान है' ऐसा समझकर मैं किसी के लिए शोक नहीं करता।
Indra! I know the complete rules of Dharma and the impermanence of all beings. Therefore, I do not grieve for anyone, thinking that 'all this is perishable'. 28.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥