Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.210.46: मैं तुम्हें बताऊँगा कि किस प्रकार आत्मा एक शरीर को छोड़कर दूसरा शरीर धारण करती है, तथा किस प्रकार कर्मों से उत्पन्न हुए जीवों का समूह दूसरे शरीर धारण करता है ॥ 46॥ | mahabharat अध्याय 12.210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं तुम्हें बताऊँगा कि किस प्रकार आत्मा एक शरीर को छोड़कर दूसरा शरीर धारण करती है, तथा किस प्रकार कर्मों से उत्पन्न हुए जीवों का समूह दूसरे शरीर धारण करता है ॥ 46॥
I shall tell you how the soul leaves one body and takes another, and how the group of living beings born of their actions take other bodies. ॥ 46॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि वार्ष्णेयाध्यात्मकथने दशाधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २१०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें श्रीकृष्णसम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका निरूपणविषयक दो सौ दसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २१०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥