श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  12.210.39 
यथा दीप: प्रकाशात्मा ह्रस्वो वा यदि वा महान्।
ज्ञानात्मानं तथा विद्यात् पुरुषं सर्वजन्तुषु॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
जैसे दीपक छोटा हो या बड़ा, वह प्रकाशस्वरूप है, वैसे ही सब प्राणियों में स्थित आत्मा ज्ञानस्वरूप है, ऐसा समझो ॥39॥
 
Just like whether a lamp is small or big, it is the form of light, similarly the soul present in all living beings is the form of knowledge, understand this. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)