Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.210.33: दस इन्द्रियाँ, पाँच महाभूत और एक मन - ये सोलह तत्त्व इस शरीर में विभाजित रूप से निवास करते हैं। इन्हें देवता समझना चाहिए। ये सोलह देवता ईश्वर के सबसे निकट स्थित आत्मा की उपासना करते हैं और शरीर के भीतर स्थित ज्ञान को प्रकट करते हैं। 33॥ | mahabharat अध्याय 12.210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दस इन्द्रियाँ, पाँच महाभूत और एक मन - ये सोलह तत्त्व इस शरीर में विभाजित रूप से निवास करते हैं। इन्हें देवता समझना चाहिए। ये सोलह देवता ईश्वर के सबसे निकट स्थित आत्मा की उपासना करते हैं और शरीर के भीतर स्थित ज्ञान को प्रकट करते हैं। 33॥
Ten senses, five great spirits and one mind – these sixteen elements reside in this body in a divided manner. They should be considered as gods. These sixteen gods worship the soul that is closest to God and reveals the knowledge within the body. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥