श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.210.2 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
संवादं मोक्षसंयुक्तं शिष्यस्य गुरुणा सह॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - राजन् ! इस सम्बन्ध में प्राचीन इतिहास से एक शिष्य का अपने गुरु से हुआ मोक्ष विषयक वार्तालाप का उदाहरण दिया जाता है ॥2॥
 
Bhishmaji said – King! In this regard, an example is given from the ancient history of the conversation about salvation that a disciple had with his Guru. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)