श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 32-34h
 
 
श्लोक  12.208.32-34h 
आत्रेयश्च वसिष्ठश्च कश्यपश्च महानृषि:॥ ३२॥
गौतमोऽथ भरद्वाजो विश्वामित्रोऽथ कौशिक:।
तथैव पुत्रो भगवानृचीकस्य महात्मन:॥ ३३॥
जमदग्निश्च सप्तैते उदीचीमाश्रिता दिशम्।
 
 
अनुवाद
आत्रेय, वशिष्ठ, महर्षि कश्यप, गौतम, भारद्वाज, कुशिकवंशी विश्वामित्र तथा महात्मा ऋचीक के पुत्र भगवान जमदग्नि- ये सातों उत्तर दिशा में रहते हैं।
 
Atreya, Vashishtha, Maharishi Kashyap, Gautam, Bharadwaj, Vishwamitra of Kushikvanshi and Lord Jamadagni, son of Mahatma Richik – these seven live in the northern direction.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)