Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.207.d6: तत्पश्चात् परम तेजस्वी पुरुष नारदजी ने चुपचाप उस सरोवर में स्नान किया, अपनी इन्द्रियों को वश में रखा और उस प्रभु के रूप का अद्भुत रहस्य जानने के लिए भगवान की स्तुति की। | mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् परम तेजस्वी पुरुष नारदजी ने चुपचाप उस सरोवर में स्नान किया, अपनी इन्द्रियों को वश में रखा और उस प्रभु के रूप का अद्भुत रहस्य जानने के लिए भगवान की स्तुति की।
After that, Narad, the most brilliant man, took a bath in that lake silently, kept his senses under control and praised God for knowing the wonderful secret of that Lord's form.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥