श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.207.7 
यानि चाहुर्मनुष्येन्द्र ये पुराणविदो जना:।
कर्माणि त्विह गोविन्दे कीर्तयिष्यामि तान्यहम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
नरेन्द्र! मैं यहाँ गोविन्द के उन सभी कार्यों और लक्षणों का वर्णन करूँगा जिनका वर्णन पुराणों के विद्वानों ने किया है॥7॥
 
Narendra! I will describe here all the deeds and characteristics of Govinda that are described by the scholars of Puranas. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)