Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.207.49: युधिष्ठिर! इस प्रकार ये सत्यवादी, महाकमल-नयन, महाबाहु केशव अचिन्त्य भगवान हैं। इन्हें केवल मनुष्य नहीं समझना चाहिए। 49॥ | mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर! इस प्रकार ये सत्यवादी, महाकमल-नयन, महाबाहु केशव अचिन्त्य भगवान हैं। इन्हें केवल मनुष्य नहीं समझना चाहिए। 49॥
Yudhisthira! In this way, this truthful, mighty lotus-eyed, mighty-armed Keshav is the unthinkable God. They should not be considered mere humans. 49॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि सर्वभूतोत्पत्तिकथने सप्ताधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २०७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिविषयक दो सौ सातवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २०७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥