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mahabharat 12.207.41: हे कुन्तीपुत्र! ये भगवान श्रीकृष्ण भूतनाथ और सबके मुखिया कहलाते हैं। अब मैं नरक देखने वालों का वर्णन करता हूँ, सुनो॥ 41॥   |   mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  12.207.41 
एष भूतपतिस्तात स्वध्यक्षश्च तथोच्यते।
निरपेक्षांश्च कौन्तेय कीर्तयिष्यामि तच्छृणु॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्र! ये भगवान श्रीकृष्ण भूतनाथ और सबके मुखिया कहलाते हैं। अब मैं नरक देखने वालों का वर्णन करता हूँ, सुनो॥ 41॥
 
O son of Kunti! This Lord Krishna is known as Bhootnath and the head of all. Now I am describing those who are going to see hell, listen. ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)