श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 24-25
 
 
श्लोक  12.207.24-25 
अपराश्च यवीयस्यस्ताभ्योऽन्या: सप्तविंशति:।
सोमस्तासां महाभाग: सर्वासामभवत् पति:॥ २४॥
इतरास्तु व्यजायन्त गन्धर्वांस्तुरगान् द्विजान्।
गाश्च किंपुरुषान्मत्स्यानुद्भिज्जांश्च वनस्पतीन्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दक्ष की सत्ताईस और पुत्रियाँ हुईं, जो पूर्वोक्त पुत्रियों से छोटी थीं। महाबली सोम उन सभी के पति हुए। इन सबके अतिरिक्त दक्ष की और भी बहुत सी पुत्रियाँ थीं, जिनसे गन्धर्व, घोड़े, पक्षी, गौ, किम्पुरुष, मत्स्य, वनस्पतियाँ और पौधे उत्पन्न हुए॥24-25॥
 
After that Daksha had twenty seven other daughters, who were younger than the aforementioned daughters. The great Som became the husband of all of them. Apart from all these, Daksha had many daughters, who gave birth to Gandharvas, horses, birds, cows, Kimpurushas, ​​fishes, plants and vegetation.॥24-25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)