Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.206.29: समस्त इन्द्रियों से युक्त होकर यह देहधारी जीवात्मा पंचभूत रूपी शरीर के अधीन हो जाता है। ज्ञान और उपासना आदि की शक्ति के बिना वह केवल कर्मों द्वारा ईश्वर को नहीं पा सकता। इसलिए वह उस अविनाशी ईश्वर से वंचित रह जाता है। 29॥ | mahabharat अध्याय 12.206: परमात्मतत्त्वका निरूपण—मनु-बृहस्पति-संवादकी समाप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समस्त इन्द्रियों से युक्त होकर यह देहधारी जीवात्मा पंचभूत रूपी शरीर के अधीन हो जाता है। ज्ञान और उपासना आदि की शक्ति के बिना वह केवल कर्मों द्वारा ईश्वर को नहीं पा सकता। इसलिए वह उस अविनाशी ईश्वर से वंचित रह जाता है। 29॥
By connecting with all the senses, this embodied soul becomes dependent on the body in the form of five elements. Without the power of knowledge and worship etc., he cannot find God through mere actions. Therefore he remains deprived of that immortal God. 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥