इन्द्रियों द्वारा विषयों का अनुभव न होने के कारण मनुष्य के वे विषय तो दूर हो जाते हैं; परन्तु उनमें उसकी आसक्ति बनी रहती है। ईश्वर प्राप्ति के पश्चात् मनुष्य की आसक्ति भी दूर हो जाती है ॥16॥
Due to non-apprehension of the objects by the senses, those objects of the man go away; But his attachment to them remains. After realizing God, man's attachment also goes away. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥