Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.201.2: भीष्मजी बोले - राजन् ! इस विषय में प्राचीन इतिहास से एक उदाहरण प्रजापति मनु और महर्षि बृहस्पति के संवाद के रूप में दिया जाता है ॥2॥   |   mahabharat अध्याय 12.201: बृहस्पतिके प्रश्नके उत्तरमें मनुद्वारा कामनाओंके त्यागकी एवं ज्ञानकी प्रशंसा तथा परमात्मतत्त्वका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 201: बृहस्पतिके प्रश्नके उत्तरमें मनुद्वारा कामनाओंके त्यागकी एवं ज्ञानकी प्रशंसा तथा परमात्मतत्त्वका निरूपण  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.201.2 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
मनो: प्रजापतेर्वादं महर्षेश्च बृहस्पते:॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - राजन् ! इस विषय में प्राचीन इतिहास से एक उदाहरण प्रजापति मनु और महर्षि बृहस्पति के संवाद के रूप में दिया जाता है ॥2॥
 
Bhishmaji said – King! In this matter, an example from ancient history is given in the form of dialogue between Prajapati Manu and Maharishi Brihaspati. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)