Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.200.1: युधिष्ठिर ने पूछा, "कृपया मुझे बताइए कि उपरोक्त वचन कहने के बाद ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकु ने विरूप को क्या उत्तर दिया।" ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.200: जापक ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकुकी उत्तम गतिका वर्णन तथा जापकको मिलनेवाले फलकी उत्कृष्टता   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 200: जापक ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकुकी उत्तम गतिका वर्णन तथा जापकको मिलनेवाले फलकी उत्कृष्टता  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.200.1 
युधिष्ठिर उवाच
किमुत्तरं तदा तौ स्म चक्रतुस्तस्य भाषिते।
ब्राह्मणो वाथवा राजा तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, "कृपया मुझे बताइए कि उपरोक्त वचन कहने के बाद ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकु ने विरूप को क्या उत्तर दिया।" ॥1॥
 
Yudhishthira asked, "Please tell me what reply the Brahmin and King Ikshwaku gave to Virupa after he said the above words." ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)