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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण
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श्लोक 5
श्लोक
12.194.5
पृथिवी वायुराकाशमापो ज्योतिश्च पञ्चमम्।
महाभूतानि भूतानां सर्वेषां प्रभवाप्ययौ॥ ५॥
अनुवाद
पृथ्वी, वायु, आकाश, जल और अग्नि - ये पाँच महाभूत समस्त प्राणियों की उत्पत्ति और प्रलय के स्थान हैं ॥5॥
Earth, air, sky, water and fire – these five great elements are the places of origin and destruction of all living beings. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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