हे ब्रह्मन्! यह चर और अचर जगत् किस प्रकार उत्पन्न होता है और प्रलयकाल में किस प्रकार नष्ट हो जाता है, इसका वर्णन कृपा करके मुझसे कीजिए॥ 2॥
O Brahman! How is this animate and inanimate world created and how does it get destroyed during the time of destruction; please describe this to me.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥