श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.194.11 
घ्रेयं घ्राणं शरीरं च एते भूमिगुणास्त्रय:।
महाभूतानि पञ्चैव षष्ठं च मन उच्यते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
गंध, घ्राणेन्द्रिय और शरीर - ये तीन गुण अर्थात् कार्य हैं। इस प्रकार इस शरीर में पाँच महाभूत हैं और छठा मन है; ऐसा कहा गया है॥11॥
 
Smell, sense of smell and body – these are the three qualities i.e. functions. Thus in this body there are five great elements and the sixth is the mind; It is said that 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)