Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.193.2: भीष्म बोले, "हे राजन! जो दुष्ट हैं, बुरे इरादे वाले हैं, बुरी बुद्धि वाले हैं और दुस्साहस पसंद करते हैं, वे दुष्टात्मा कहलाते हैं। श्रेष्ठ पुरुष वे हैं जिनमें अच्छा आचरण देखा जाता है - अच्छा आचरण ही उनका एकमात्र लक्षण है।" | mahabharat अध्याय 12.193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले, "हे राजन! जो दुष्ट हैं, बुरे इरादे वाले हैं, बुरी बुद्धि वाले हैं और दुस्साहस पसंद करते हैं, वे दुष्टात्मा कहलाते हैं। श्रेष्ठ पुरुष वे हैं जिनमें अच्छा आचरण देखा जाता है - अच्छा आचरण ही उनका एकमात्र लक्षण है।"
Bhishma said, "O King! Those who are wicked, have bad intentions, have bad intellect and love daring are known as evil souls. The best men are those in whom good conduct is seen - good conduct is their only characteristic."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥