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श्लोक 12.192.21  |
उत्तर: पृथिवीभाग: सर्वपुण्यतम: शुभ:।
इहस्थास्तत्र जायन्ते ये वै पुण्यकृतो जना:॥ २१॥ |
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| अनुवाद |
| पृथ्वी का उत्तर भाग परम पवित्र और शुभ है। इस लोक में केवल पुण्यात्मा मनुष्य ही मृत्यु के पश्चात् उसी क्षेत्र में जन्म लेते हैं॥ 21॥ |
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| The northern part of the earth is the most sacred and auspicious. Only those virtuous people in this world are born in that region after death.॥ 21॥ |
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