श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 187: जीवकी सत्ता तथा नित्यताको युक्तियोंसे सिद्ध करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  12.187.26 
सचेतनं जीवगुणं वदन्ति
स चेष्टते चेष्टयते च सर्वम्।
अत: परं क्षेत्रविदो वदन्ति
प्रावर्तयद् यो भुवनानि सप्त॥ २६॥
 
 
अनुवाद
चेतन सत्ता के सम्बन्ध में उपर्युक्त जीवों के गुणों को चेतन* कहते हैं। वह जीव स्वयं भी चेष्टा करता है और सबको चेष्टा कराता है। शरीर के तत्त्व को जानने वाले लोग कहते हैं कि जिस परमात्मा ने भू, भुव आदि सातों लोकों की रचना की है, वह इस क्षेत्रपयान आत्मा से श्रेष्ठ है। 26॥
 
In relation to the conscious being, the qualities of the above mentioned living beings are called conscious*. That creature itself tries and makes everyone try. People who know the essence of the body, say that the Supreme Soul, who has created the seven worlds like Bhu, Bhuva, etc., is superior to this Kshetrapyaan soul. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)