Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.184.8: वे न सुनते हैं, न देखते हैं, न गंध और स्वाद का अनुभव करते हैं और न ही उन्हें स्पर्श का ज्ञान है; फिर वे पंचभौतिक कैसे कहे जा सकते हैं?॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.184: पञ्चमहाभूतोंके गुणोंका विस्तारपूर्वक वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न शृण्वन्ति न पश्यन्ति न गन्धरसवेदिन:।
न च स्पर्शं विजानन्ति ते कथं पाञ्चभौतिका:॥ ८॥
अनुवाद
वे न सुनते हैं, न देखते हैं, न गंध और स्वाद का अनुभव करते हैं और न ही उन्हें स्पर्श का ज्ञान है; फिर वे पंचभौतिक कैसे कहे जा सकते हैं?॥8॥
They neither hear nor see nor experience smell and taste nor do they have the knowledge of touch; then how can they be called Panchabhutik (five elements)?॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥