vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 184: पञ्चमहाभूतोंके गुणोंका विस्तारपूर्वक वर्णन
»
श्लोक 23
श्लोक
12.184.23
श्लेष्मा पित्तमथ स्वेदो वसा शोणितमेव च।
इत्याप: पञ्चधा देहे भवन्ति प्राणिनां सदा॥ २३॥
अनुवाद
कफ, पित्त, पसीना, चर्बी और रक्त- ये पाँच गीले पदार्थ प्राणियों के शरीर में जल के रूप में विद्यमान रहते हैं । 23॥
Phlegm, bile, sweat, fat and blood – these five wet things present in the body of living beings are in the form of water. 23॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd