श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत‍् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.182.8 
कथं सृष्टानि भूतानि कथं वर्णविभक्तय:।
शौचाशौचं कथं तेषां धर्माधर्मविधि: कथम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
प्राणियों की उत्पत्ति कैसे हुई? वर्णों का विभाजन कैसे हुआ? उनमें शुचिता और शुचिता की व्यवस्था कैसे हुई? तथा धर्म और अधर्म के नियम कैसे बनाए गए?॥8॥
 
‘How were creatures created? How were the castes divided? How were the arrangements for cleanliness and impurity made among them? And how were the rules for Dharma (righteousness) and Adharma (irreligion) made?॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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