श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत‍् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.182.2 
ससागर: सगगन: सशैल: सबलाहक:।
सभूमि: साग्निपवनो लोकोऽयं केन निर्मित:॥ २॥
 
 
अनुवाद
समुद्र, आकाश, पर्वत, मेघ, भूमि, अग्नि और वायु सहित इस जगत् को किसने बनाया?॥2॥
 
Who created this world including the sea, sky, mountains, clouds, land, fire and air?॥2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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