Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.18.32: बहुत से लोग जीविकोपार्जन के लिए सिर मुंडाकर, भगवा वस्त्र धारण करके घर-बार छोड़कर चले जाते हैं। नाना प्रकार के बंधनों में बँधे हुए वे व्यर्थ के सुखों की खोज में लगे रहते हैं॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 12.18: अर्जुनका राजा जनक और उनकी रानीका दृष्टान्त देते हुए युधिष्ठिरको संन्यास ग्रहण करनेसे रोकना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत से लोग जीविकोपार्जन के लिए सिर मुंडाकर, भगवा वस्त्र धारण करके घर-बार छोड़कर चले जाते हैं। नाना प्रकार के बंधनों में बँधे हुए वे व्यर्थ के सुखों की खोज में लगे रहते हैं॥ 32॥
‘Many people shave their heads, wear saffron clothes and leave their homes in order to earn their livelihood. Being bound in various types of bondages, they keep searching for useless pleasures*॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥