श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 18: अर्जुनका राजा जनक और उनकी रानीका दृष्टान्त देते हुए युधिष्ठिरको संन्यास ग्रहण करनेसे रोकना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.18.2 
अर्जुन उवाच
कथयन्ति पुरावृत्तमितिहासमिमं जना:।
विदेहराज्ञ: संवादं भार्यया सह भारत॥ २॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन बोले - 'भारत! विद्वान पुरुष इस प्राचीन इतिहास को विदेह के राजा जनक और उनकी रानी के बीच हुए संवाद के रूप में कहते हैं॥ 2॥
 
Arjun said, 'Bharata! Learned men narrate this ancient history in the form of a dialogue between King Janaka of Videha and his queen.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)