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mahabharat 12.174.56: राजन् ! इस विषय में पिंगला द्वारा गायी गई कथाएँ कही जाती हैं, जिनका पालन करके उसने संकटकाल में भी सनातन धर्म को प्राप्त किया था ॥ 56॥   |   mahabharat अध्याय 12.174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  12.174.56 
अत्र पिङ्गलया गीता गाथा: श्रूयन्ति पार्थिव।
यथा सा कृच्छ्रकालेऽपि लेभे धर्मं सनातनम्॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
राजन् ! इस विषय में पिंगला द्वारा गायी गई कथाएँ कही जाती हैं, जिनका पालन करके उसने संकटकाल में भी सनातन धर्म को प्राप्त किया था ॥ 56॥
 
King! In this regard the tales sung by Pingala are narrated, by following which he had attained the eternal Dharma even in the time of crisis. ॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)