Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.174.13: ब्राह्मण ने कहा-राजन्! देखो, इस संसार में उत्तम, मध्यम और नीच सभी प्राणी नाना प्रकार के कर्मों में आसक्त होकर दुःख भोग रहे हैं॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण ने कहा-राजन्! देखो, इस संसार में उत्तम, मध्यम और नीच सभी प्राणी नाना प्रकार के कर्मों में आसक्त होकर दुःख भोग रहे हैं॥13॥
The Brahmin said-King! Look, in this world all the good, middle and lowly beings are getting attached to different deeds and are suffering from sorrow. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥