गौतम उवाच
मध्यदेशप्रसूतोऽहं वासो मे शबरालये।
शूद्रा पुनर्भूर्भार्या मे सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ ५॥
अनुवाद
गौतम बोले, "हे दैत्यराज! मेरा जन्म मध्यदेश में हुआ है, किन्तु मैं एक भील के घर में रहता हूँ। मेरी पत्नी शूद्र जाति की है और मुझसे पहले किसी और की पत्नी रह चुकी है। मैं आपसे सत्य कह रहा हूँ।" ॥5॥
Gautama said, "O King of Demons! I was born in Madhyadesh, but I live in a Bhil's house. My wife belongs to the Shudra caste and has been someone else's wife before me. I am telling you the truth." ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥