Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.170.24: विरुपाक्ष नामक वीर राक्षसराज आपसे मिलने के लिए आतुर है; अतः आप शीघ्रता करें॥24॥   |   mahabharat अध्याय 12.170: गौतमका राजधर्माद्वारा आतिथ्यसत्कार और उसका राक्षसराज विरूपाक्षके भवनमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 170: गौतमका राजधर्माद्वारा आतिथ्यसत्कार और उसका राक्षसराज विरूपाक्षके भवनमें प्रवेश  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.170.24 
राक्षसाधिपतिर्वीरो विरूपाक्ष इति श्रुत:।
स त्वां त्वरति वै द्रष्टुं तत् क्षिप्रं संविधीयताम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
विरुपाक्ष नामक वीर राक्षसराज आपसे मिलने के लिए आतुर है; अतः आप शीघ्रता करें॥24॥
 
'The brave demon king known as Virupaksha is anxious to see you; therefore you must hurry.'॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)