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श्लोक  12.170.21 
तत: स राक्षसेन्द्र: स्वान् प्रेष्यानाह युधिष्ठिर।
गौतमो नगरद्वारात् शीघ्रमानीयतामिति॥ २१॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! यह समाचार पाकर राक्षसराज ने अपने सेवकों से कहा, 'गौतम को नगर के द्वार से शीघ्र ही यहाँ ले आओ।'
 
Yudhishthira! On receiving this news, the king of demons said to his servants, 'Gautama should be brought here quickly from the city gate.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)