Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.168.25-26h: जो प्रतिदिन शास्त्रों का स्वाध्याय करते हैं, क्रोध को वश में रखते हैं और युद्ध में सदैव बलवान रहते हैं। जो उत्तम कुल में उत्पन्न हुए हैं, गुणवान हैं और उत्तम गुणों वाले हैं, वे ही उत्तम पुरुष मित्र बनाने के योग्य हैं। ॥25 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.168: मित्र बनाने एवं न बनाने योग्य पुरुषोंके लक्षण तथा कृतघ्न गौतमकी कथाका आरम्भ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो प्रतिदिन शास्त्रों का स्वाध्याय करते हैं, क्रोध को वश में रखते हैं और युद्ध में सदैव बलवान रहते हैं। जो उत्तम कुल में उत्पन्न हुए हैं, गुणवान हैं और उत्तम गुणों वाले हैं, वे ही उत्तम पुरुष मित्र बनाने के योग्य हैं। ॥25 1/2॥
Those who study the scriptures daily, control their anger and are always strong in war. Those who are born in a noble family, are virtuous and have good qualities, only those noble men are worthy of making friends. ॥25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥