Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.166.48: उसकी दृष्टि ऊपर की ओर थी और उसने एक महान प्रतीक धारण किया हुआ था। उसके मुख से ज्वालाएँ निकल रही थीं और उसके अंगों से नीले, सफेद और लाल जैसे विविध रंग निकल रहे थे। | mahabharat अध्याय 12.166: खड्गकी उत्पत्ति और प्राप्तिकी परम्पराकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसकी दृष्टि ऊपर की ओर थी और उसने एक महान प्रतीक धारण किया हुआ था। उसके मुख से ज्वालाएँ निकल रही थीं और उसके अंगों से नीले, सफेद और लाल जैसे विविध रंग निकल रहे थे।
His gaze was directed upwards and he was wearing a great symbol. He was spewing flames from his mouth and was producing various colours like blue, white and red from his limbs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥