Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.166.15-16: तत्पश्चात् ब्रह्माजी ने सांसारिक शरीर धारण करके मरीचि, अत्रि, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, वसिष्ठ, अंगिरा और रुद्र नामक ऋषियों को उत्पन्न किया - ये प्रकृति और ऐश्वर्य से परिपूर्ण तेजस्वी पुत्र थे ॥15-16॥ | mahabharat अध्याय 12.166: खड्गकी उत्पत्ति और प्राप्तिकी परम्पराकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: शरीरं लोकस्थं स्थापयित्वा पितामह:।
जनयामास भगवान् पुत्रानुत्तमतेजस:॥ १५॥
मरीचिमृषिमत्रिं च पुलस्त्यं पुलहं क्रतुम्।
वसिष्ठाङ्गिरसौ चोभौ रुद्रं च प्रभुमीश्वरम्॥ १६॥
अनुवाद
तत्पश्चात् ब्रह्माजी ने सांसारिक शरीर धारण करके मरीचि, अत्रि, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, वसिष्ठ, अंगिरा और रुद्र नामक ऋषियों को उत्पन्न किया - ये प्रकृति और ऐश्वर्य से परिपूर्ण तेजस्वी पुत्र थे ॥15-16॥
Thereafter, Lord Brahma, assuming the worldly body, created the sages Marichi, Atri, Pulastya, Pulah, Kratu, Vasishtha, Angira and Rudra – these brilliant sons full of nature and opulence. 15-16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥