Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.164.3: हे भरत! हे कुरुपुत्र! क्रूर मनुष्य इस लोक में और परलोक में भी सदा दुःख की अग्नि में जलता रहता है; अतः आप कृपा करके मुझे क्रूर मनुष्य का सच्चा परिचय और उसके धर्म-कर्म का परिचय दीजिए॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.164: नृशंस अर्थात् अत्यन्त नीच पुरुषके लक्षण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरत! हे कुरुपुत्र! क्रूर मनुष्य इस लोक में और परलोक में भी सदा दुःख की अग्नि में जलता रहता है; अतः आप कृपा करके मुझे क्रूर मनुष्य का सच्चा परिचय और उसके धर्म-कर्म का परिचय दीजिए॥3॥
Bharata! O son of Kuru! A cruel man is always burning in the fire of sorrow in this world as well as the next; therefore, please give me the true introduction of a cruel man and his Dharma-karma.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥