श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.16.8 
द्विविधो जायते व्याधि: शारीरो मानसस्तथा।
परस्परं तयोर्जन्म निर्द्वन्द्वं नोपलभ्यते॥ ८॥
 
 
अनुवाद
मनुष्य दो प्रकार के रोगों से ग्रस्त है - एक शारीरिक और दूसरा मानसिक। दोनों की उत्पत्ति एक-दूसरे पर निर्भर है। एक के बिना दूसरा नहीं रह सकता।॥8॥
 
‘Man suffers from two kinds of diseases – one is physical and the other is mental. The origin of both is dependent on each other. One cannot exist without the other.॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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