श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.16.24 
तस्मिन्ननिर्जिते युद्धे प्राणान् यदि विमोक्ष्यसे।
अन्यं देहं समास्थाय ततस्तैरपि योत्स्यसे॥ २४॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम इस युद्ध में विजयी हुए बिना ही अपने प्राण त्याग दोगे, तो तुम्हें दूसरा शरीर धारण करके पुनः उन्हीं शत्रुओं से युद्ध करना पड़ेगा॥ 24॥
 
'If you give up your life without being victorious in this battle, you will have to take another body and fight the same enemies again.॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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