श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  12.16.19 
प्रव्राजनं च नगरादजिनैश्च विवासनम्।
महारण्यनिवासश्च न तस्य स्मर्तुमर्हसि॥ १९॥
 
 
अनुवाद
‘तुम्हें नगर से निकाल दिया गया, मृगचर्म पहना दिया गया, निर्वासित कर दिया गया और बड़े-बड़े जंगलों में रहना पड़ा। क्या तुम्हें ये सब बातें याद नहीं हैं?॥19॥
 
‘You were expelled from the city, you were made to wear a deerskin and were exiled and had to live in large forests. Can you not remember all these things?॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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