श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 159: अज्ञान और लोभको एक दूसरेका कारण बताकर दोनोंकी एकता करना और दोनोंको ही समस्त दोषोंका कारण सिद्ध करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.159.3 
अज्ञानान्निरयं याति तथाज्ञानेन दुर्गतिम्।
अज्ञानात् क्लेशमाप्नोति तथापत्सु निमज्जति॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अज्ञान के कारण ही जीव नरक में गिरता है। अज्ञान के कारण ही वह दुःख भोगता है, अज्ञान के कारण ही वह दुःख भोगता है और विपत्तियों के समुद्र में डूब जाता है। 3॥
 
It is due to ignorance that a soul falls into hell. It is due to ignorance that he suffers, due to ignorance he suffers and drowns in the sea of ​​calamities. 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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